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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण से क्या उम्मीद है
नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026-आज पहली बार रविवार को केंद्रीय बजट पेश हो रहा है, भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे से।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार नौवां बजट संसद में पेश करेंगी।
सबकी नजर है उपभोग बढ़ाएं, नौकरियां पैदा करें और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दें वाले घोषणाओं पर।
नोट: ये लेख बजट पूर्व अपेक्षाओं पर आधारित है-मीडिया रिपोर्ट, उद्योग की मांग और विशेषज्ञों की राय के हिसाब से (1 फरवरी 2026 तक)। वास्तविक बजट में अलग हो सकता है।

आयकर राहत: मध्यम वर्ग को कितना फ़ायदा मिलेगा?
मिडिल क्लास बहुत टाइम से बोल रहा है कि टैक्स में राहत चाहिए, महंगाई के बाद। नई कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव की उम्मीद है।
उम्मीद है ये घोषणाएँ:
स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ेगा: ₹75,000 से 1 लाख तक, जिसकी टैक्स-फ्री लिमिट बढ़ जाएगी।
धारा 87ए छूट ज्यादा: अधिक आय पर छूट, 12-13 लाख पर लगभग शून्य टैक्स।
स्लैब में बदलाव: जीरो-टैक्स बैंड वाइड हो सकता है या दरें कम।
पूंजीगत लाभ पर राहत: छूट में छूट शामिल है।
और सरलीकरण: टीडीएस दरें कम, स्टार्टअप/एमएसएमई के लिए आसान नियम।
अगर ये हुआ तो 15 लाख सैलरी वाले को ₹50,000 से ₹1 लाख तक की सालाना बचत हो सकती है।
मौजूदा बनाम अपेक्षित नई टैक्स व्यवस्था स्लैब (अनुमान के हिसाब से)
| Income Slab (₹ lakh mein) | Current Rate (FY 2025-26) | Expected Changes |
|---|---|---|
| 0–3 | 0% | No change |
| 3–7 | 5% | Zero-tax band badh sakta hai |
| 7–10 | 10% | Thoda relief |
| 10–12 | 15% | Higher rebate |
| 12–15 | 20% | Standard deduction ₹1 lakh |
| Above 15 | 30% | Limited changes |
इंफ्रास्ट्रक्चर पुश: ग्रोथ का इंजन फिर से तेज़
इन्फ्रा पर सरकार का फोकस जारी रहेगा। कैपेक्स में 7-12% बढ़ोतरी की उम्मीद है, 12 लाख करोड़ से ज्यादा।
क्या उम्मीद कर सकते हैं:
बड़ा कैपेक्स: कुल 15-16 लाख करोड़ रुपये, सड़कें, रेलवे, लॉजिस्टिक्स पे।
रेलवे परियोजनाएँ: ज़्यादा वंदे भारत, अमृत भारत ट्रेनें और माल गलियारे।
शहरी और हरित इन्फ्रा: स्मार्ट शहर, नवीकरणीय ऊर्जा, बंदरगाहों का उन्नयन।
नौकरियों को बढ़ावा: श्रम-गहन परियोजनाओं से लाखों नौकरियां मिलती हैं।
इसे निजी निवेश आएगा और भारत की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
दिल्ली वालों के लिए स्पेशल फ़ायदा
दिल्ली में रहने वालों के लिए शहरी इन्फ्रा को बढ़ावा-मेट्रो विस्तार, बेहतर सड़कें, प्रदूषण नियंत्रण।
परियोजनाएं. रोज़ की यात्रा आसान होगी और जीवन गुणवत्ता बढ़ेगी।
और भी घोषणाएं
विनिर्माता और विज्ञापनदाताओं के लिए पीएलआई परिभाषा का विस्तार।
अल, इनोवेशन और प्लांट्स पर फोकस।
राजकोषीय घाटा 4.4-4.5% के आसपास।
गिग श्रमिक और रोजगार प्रोत्साहन।
आपके वॉलेट में फर्क पड़ेगा?
हां, अगर टैक्स राहत आएगी तो सीधे बचत होगी, खर्च बढ़ेगा। इन्फ्रा से नौकरियां और ग्रोथ मिलेगी। आज
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केंद्रीय बजट 2026 आज सामने आ रहा है – बने रहें!
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
स्वतंत्र समाचार प्रकाशक जो वैश्विक मामलों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और सार्वजनिक नीति पर ध्यान केंद्रित करता है – और सब कुछ सत्यापित रिपोर्टिंग के साथ!
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